कलम से लिखें,
पुण्य संचित करें।
प्रभु श्री राम के पावन नाम को अपनी हस्तलिपि में "अर्चना पुस्तिका" में संचित करना ही वास्तविक आध्यात्मिक पूंजी है।
पुस्तिका प्राप्त करें
अपनी निकटतम शाखा से "राम नाम अर्चना पुस्तिका" और "सनातनी पेन" प्राप्त करें।
नियमपूर्वक लिखें
निर्धारित नियमों और शुद्धता के साथ प्रतिदिन राम नाम का लेखन करें।
शाखा में जमा करें
पुस्तिका पूर्ण होने पर इसे अपनी शाखा में जमा करें और रसीद प्राप्त करें।
लेखन के नियम एवं विधि
शारीरिक पुस्तिका हेतु अनिवार्य निर्देश
- 01.शरीर, मन और वाणी की शुद्धता बनाए रखें।
- 02.एकाग्र चित्त होकर शांत और स्वच्छ स्थान पर बैठें।
- 03.लेखन के समय "राम" नाम का मानसिक स्मरण/जप करते रहें।
- 04.केवल संस्थान द्वारा प्राप्त "सनातनी पेन" (लाल स्याही) का ही उपयोग करें।
- 05.पुस्तिका के किसी भी पन्ने को मोड़ें, फाड़ें या गंदा न करें।
- 06.प्रतिदिन कम से कम एक पृष्ठ लेखन का अटूट संकल्प लें।
- 07.लेखन सत्र पूर्ण होने पर हाथ जोड़कर प्रभु राम से प्रार्थना करें।
- 08.पुस्तिका को सदैव घर के मंदिर या किसी पवित्र स्थान पर ही रखें।
"राम नाम के लिखने से ही जीवन का कल्याण संभव है।"
अभी अपनी पुस्तिका मंगाएं
आप अपने घर पर कूरियर द्वारा भी "राम नाम अर्चना पुस्तिका" मंगवा सकते हैं।